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किशोरों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के संकेत क्या हैं?
किशोरों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं आम हैं। लक्षण, घरेलू सहायता और डॉक्टर से कब मिलें, यहाँ जानें।
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यह क्या है
किशोरावस्था शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक बदलावों का समय है, और यह मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए संवेदनशील बना सकती है [6]। दुनिया भर में, 10–19 साल के हर सात में से एक किशोर को कोई मानसिक विकार होता है [3][6]। चिंता (एंग्ज़ाइटी) इस उम्र में सबसे आम है—10–14 साल के 4.1% और 15–19 साल के 5.3% किशोरों में यह पाई जाती है [1]। अवसाद (डिप्रेशन) 10–14 साल के 1.3% और 15–19 साल के 3.4% किशोरों में होता है [1]। खाने के विकार (जैसे एनोरेक्सिया और बुलिमिया) भी किशोरावस्था में शुरू होते हैं, और लड़कियों में ज़्यादा देखे जाते हैं [4]। मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं स्कूल की पढ़ाई, दोस्ती और परिवार के रिश्तों को प्रभावित कर सकती हैं [1][6]।
घर पर आप क्या कर सकते हैं
मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए घर पर कुछ कदम उठा सकते हैं [8]:
- नियमित नींद की आदतें बनाए रखें
- रोज़ाना व्यायाम को प्रोत्साहित करें
- समस्या सुलझाने और भावनाओं को प्रबंधित करने के कौशल सिखाएँ
- परिवार में सुरक्षित और सहयोगी माहौल बनाएँ
- बच्चे से खुलकर बात करें, बिना आलोचना के सुनें
अगर आपका किशोर बहुत उदास, निराश या बेकार महसूस करता है, तो यह मानसिक स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है [2]। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज संभव है [2]। मदद के लिए अपने बच्चे के स्कूल काउंसलर या स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से बात करें [2]।
डॉक्टर के पास या इमरजेंसी कब जाएँ
अगर आपके किशोर में ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें [2]:
- बहुत गुस्सा या बहुत ज़्यादा चिंता महसूस करना
- किसी नुकसान या मौत के बाद लंबे समय तक शोक
- लगे कि उसका दिमाग नियंत्रण से बाहर है
- शराब या ड्रग्स का उपयोग
- खाने, व्यायाम या डाइटिंग के प्रति जुनून
- दूसरों को चोट पहुँचाना या चीज़ें नष्ट करना
- ऐसे जोखिम भरे काम करना जो खुद को या दूसरों को नुकसान पहुँचा सकें
- लगातार उदासी और निराशा
अवसाद आत्महत्या का कारण बन सकता है [1], और आत्महत्या 15–29 साल के लोगों में मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण है [3]। अगर आपको लगे कि आपका बच्चा खुद को नुकसान पहुँचा सकता है, तो तुरंत अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें या नज़दीकी इमरजेंसी विभाग में जाएँ।
आम सवाल
क्या किशोरों में मानसिक समस्याएं अपने आप ठीक हो जाती हैं? ज़रूरी नहीं। अगर इलाज न हो, तो ये समस्याएं वयस्कता तक बनी रह सकती हैं और शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकती हैं [3]। जल्दी पहचान और इलाज बहुत ज़रूरी है [7]।
क्या दवा ही एकमात्र इलाज है? नहीं। विशेषज्ञ गैर-दवा उपायों को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं [7]। थेरेपी, काउंसलिंग और सामाजिक सहयोग भी प्रभावी हैं [5][9]।
क्या स्कूल में तनाव मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है? हाँ। साथियों के दबाव, बदमाशी और पढ़ाई का तनाव मानसिक स्वास्थ्य के लिए जोखिम कारक हैं [8]। स्कूल और परिवार में सुरक्षित माहौल बहुत मददगार होता है [8]।
स्रोत
[1] WHO — “Mental health of adolescents”, खंड “Emotional disorders”, पृ. 1 — https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/adolescent-mental-health [2] MedlinePlus — “Teen Mental Health” (2024), पृ. 1 — https://medlineplus.gov/teenmentalhealth.html [3] WHO — “Mental health of adolescents”, खंड “Key facts”, पृ. 1 — https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/adolescent-mental-health [4] WHO — “Mental health of adolescents”, खंड “Eating disorders”, पृ. 1 — https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/adolescent-mental-health [5] WHO — “Mental health of adolescents”, खंड “WHO response”, पृ. 1 — https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/adolescent-mental-health [6] WHO — “Mental health of adolescents”, खंड “Introduction”, पृ. 1 — https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/adolescent-mental-health [7] WHO — “Mental health of adolescents”, खंड “Early detection and treatment”, पृ. 1 — https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/adolescent-mental-health [8] WHO — “Mental health of adolescents”, खंड “Mental health determinants”, पृ. 1 — https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/adolescent-mental-health [9] WHO — “Mental health of adolescents”, खंड “Promotion and prevention”, पृ. 1 — https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/adolescent-mental-health
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