अद्यतन
बच्चे के दाने: क्या करें और कब चिंता करें
बच्चों में दाने आम हैं। जानें कौन से दाने घर पर ठीक हो सकते हैं और कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
आपका बच्चा आम मामला नहीं है। अपने बारे में पूछें →
यह क्या है
बच्चों और शिशुओं में कई तरह के दाने निकल सकते हैं। NHS के अनुसार, छोटे, सख्त, उभरे हुए दाने मोलस्कम कॉन्टैगिओसम हो सकते हैं। ये दाने आसपास की त्वचा के रंग के, गहरे या गुलाबी हो सकते हैं [1]।
नए जन्मे शिशुओं के चेहरे पर बहुत छोटे सफेद या पीले दाने (मिलिया) आम हैं। ये आमतौर पर नाक पर दिखते हैं, लेकिन चेहरे, मुँह के अंदर, सिर या छाती पर भी हो सकते हैं। छोटे शिशुओं में ये कुछ हफ्तों में अपने आप ठीक हो जाते हैं [5]। जन्म के पहले कुछ हफ्तों में लाल, पीले और सफेद उभरे दाने (एरिथिमा टॉक्सिकम) भी आम हैं। ये चेहरे, शरीर, ऊपरी बाँहों और जाँघों पर दिखते हैं और कुछ हफ्तों में बिना इलाज के ठीक हो जाते हैं [7]।
खुजली वाले छोटे दाने जो छालों और पपड़ी में बदल जाएँ, चिकनपॉक्स हो सकते हैं [9]। चिकनपॉक्स का मुख्य लक्षण खुजलीदार दाने हैं जो शरीर पर कहीं भी हो सकते हैं [4]। बहुत खुजली वाले उभरे दाने खुजली (स्केबीज़) के कारण हो सकते हैं, जो त्वचा में घुसने वाले सूक्ष्म कीटों से होते हैं [8]।
हाथ, पैर और मुँह की बीमारी में गले में खराश, तेज़ बुखार और खाने की इच्छा न होना पहले लक्षण हैं। कुछ दिनों बाद मुँह में छाले और हाथ-पैरों पर दाने निकलते हैं [3]। उभरे हुए खुजलीदार दाने एलर्जी (पित्ती) से भी हो सकते हैं [10]।
डायपर रैश में बच्चे के नितंब पर लाल या कच्चे धब्बे, फफोले, पपड़ीदार त्वचा और खुजली हो सकती है [2]।
घर पर आप क्या कर सकते हैं
कई दानों का इलाज घर पर किया जा सकता है:
- मोलस्कम कॉन्टैगिओसम का इलाज आमतौर पर घर पर हो सकता है [1]
- मिलिया और एरिथिमा टॉक्सिकम को उपचार की ज़रूरत नहीं होती [5][7]
- स्केबीज़ का इलाज आमतौर पर घर पर किया जा सकता है [8]
- चिकनपॉक्स का इलाज घर पर किया जा सकता है [9]
चिकनपॉक्स के लिए NHS ये सुझाव देता है [6]:
- खूब सारे तरल पदार्थ पिलाएँ
- दर्द और बेचैनी के लिए पैरासिटामोल दें
- बच्चे के नाखून काटें और रात में खुजली रोकने के लिए मोज़े पहनाएँ
- फार्मेसी से कूलिंग क्रीम या जेल इस्तेमाल करें
- फार्मासिस्ट से एंटीहिस्टामिन दवा के बारे में पूछें
- ठंडे पानी से नहलाएँ और त्वचा को थपथपाकर सुखाएँ (रगड़ें नहीं)
- ढीले कपड़े पहनाएँ
चिकनपॉक्स में ये न करें [6]:
- डॉक्टर के कहे बिना आइबुप्रोफेन न दें
- 16 साल से कम उम्र के बच्चों को एस्पिरिन न दें
- दानों को न खुजलाएँ, क्योंकि इससे निशान पड़ सकते हैं
चिकनपॉक्स वाले बच्चे को तब तक स्कूल या नर्सरी नहीं भेजना चाहिए जब तक सभी दानों पर पपड़ी न बन जाए, आमतौर पर दाने निकलने के 5 दिन बाद [6]।
डॉक्टर के पास या इमरजेंसी कब जाएँ
अगर बच्चे के मुँह के आसपास सूजन हो या साँस लेने में तकलीफ हो, तो तुरंत अपने स्थानीय इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें। यह गंभीर एलर्जी प्रतिक्रिया का संकेत हो सकता है [10]।
चिकनपॉक्स वाले व्यक्ति को नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के पास नहीं जाना चाहिए, क्योंकि यह उनके लिए खतरनाक हो सकता है [6]।
अगर दाने के साथ तेज़ बुखार, बच्चा बहुत असहज या परेशान लगे, या दाने फैल रहे हों, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
आम सवाल
क्या मिलिया के दानों का इलाज ज़रूरी है? नहीं, छोटे शिशुओं में मिलिया आमतौर पर कुछ हफ्तों में अपने आप ठीक हो जाते हैं और उपचार की ज़रूरत नहीं होती [5]।
क्या चिकनपॉक्स के दाने खुजलीदार होते हैं? हाँ, चिकनपॉक्स का मुख्य लक्षण खुजलीदार दाने
स्रोत
[1] NHS — “Rashes in babies and children” (2024), खंड “Skin-coloured or pink spots”, पृ. 1 — https://www.nhs.uk/conditions/rashes-babies-and-children/ [2] NHS — “Rashes in babies and children” (2024), खंड “Symptoms of nappy rash”, पृ. 1 — https://www.nhs.uk/conditions/rashes-babies-and-children/ [3] NHS — “Rashes in babies and children” (2024), खंड “Symptoms of hand, foot and mouth disease”, पृ. 1 — https://www.nhs.uk/conditions/rashes-babies-and-children/ [4] NHS — “Rashes in babies and children” (2024), खंड “Symptoms of chickenpox”, पृ. 1 — https://www.nhs.uk/conditions/rashes-babies-and-children/ [5] NHS — “Rashes in babies and children” (2024), खंड “Rash without fever or itching Tiny spots on a baby’s face”, पृ. 1 — https://www.nhs.uk/conditions/rashes-babies-and-children/ [6] NHS — “Rashes in babies and children” (2024), खंड “How you can treat chickenpox yourself”, पृ. 1 — https://www.nhs.uk/conditions/rashes-babies-and-children/ [7] NHS — “Rashes in babies and children” (2024), खंड “Red, yellow and white spots in babies”, पृ. 1 — https://www.nhs.uk/conditions/rashes-babies-and-children/ [8] NHS — “Rashes in babies and children” (2024), खंड “Small and very itchy spots”, पृ. 1 — https://www.nhs.uk/conditions/rashes-babies-and-children/ [9] NHS — “Rashes in babies and children” (2024), खंड “Small spots and blisters”, पृ. 1 — https://www.nhs.uk/conditions/rashes-babies-and-children/ [10] NHS — “Rashes in babies and children” (2024), खंड “Raised, itchy spots or patches”, पृ. 1 — https://www.nhs.uk/conditions/rashes-babies-and-children/
यह गाइड प्रकाशित बाल रोग दिशानिर्देशों का सार देती है। यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है और आपके बाल रोग विशेषज्ञ की जगह नहीं लेती। आपात स्थिति में अपने इलाक़े के आपातकालीन नंबर पर फ़ोन कीजिए।
इस बारे में PediBot से पूछें →
मुफ़्त, बिना विज्ञापन और बिना खाते के — ताकि वह परिवार भी पूछ सके जो बाल रोग विशेषज्ञ का ख़र्च नहीं उठा सके। अगर इससे मदद मिली हो, तो इसे ऐसे ही बनाए रखने में मदद करें। साथ दें →